चलो कुछ पुराने दोस्तो के दरवाज़े खटखटाते है..
देखते है उनके पँख थक चुके हैं
या अभी भी फड़फड़ाते हैं..
हँसते हैं खिलखिलाकर,
या होंठ बंद कर मुस्कुराते हैं..
वो बात देते हैं सारी आप बीती,
या सिर्फ सफलताएं सुनाते हैं...
हमारा चेहरा देख वो अपनेपन से मुस्कुराते हैं..
या घड़ी की ओर देखकर, हमें जाने का वक़्त बताते हैं..
चलों कुछ पुराने दोस्तों के दरवाजें खटखटाते हैं..
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